राजस्थान: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का दावा- विधायकों की खरीद का बढ़ा ‘रेट’

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया कि आगामी विधानसभा सत्र की तारीख तय होने के बाद राज्य में विधायकों के खरीद-फरोख्त का ‘रेट’ और भी बढ़ गया है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और सरकार गिराने का षडयंत्र करने वाली भाजपा को जनता माफ नहीं करेगी।

इसके साथ ही गहलोत ने कहा कि बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर बसपा प्रमुख मायावती डर और मजबूरी में बयान दे रही हैं। गहलोत ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ”कल रात, जब से विधानसभा सत्र बुलाने की घोषणा हुई है, राजस्थान में खरीद-फरोख्त (विधायकों की) का ‘रेट’ बढ़ गया है। इससे पहले पहली किस्त 10 करोड़ रुपये और दूसरी किस्त 15 करोड़ रुपये थी। अब यह असीमित हो गई है। सब लोग जानते हैं कौन लोग खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।”

उल्लेखनीय है कि राज्यपाल कलराज मिश्र ने सरकार की ओर से चौथी बार भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए विधानसभा का पांचवां सत्र 14 अगस्त से बुलाने को मंजूरी दे दी। इससे सत्र बुलाने को लेकर सरकार और राजभवन के बीच कई दिनों से जारी गतिरोध समाप्त हो गया।

गहलोत ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि राज्यपाल ने कल मेरी बात को माना।’ उन्होंने कहा,’ सत्र बुलाने में देरी करने का यह पूरा खेल इसलिये होता है … जिस तरीके से भाजपा ने हार्स ट्रेडिंग का ठेका ले रखा है, भाजपा की ओर से हमारी पार्टी के लोगों के माध्यम से हार्स ट्रेडिंग हुई, सबको मालूम है।’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं आज फिर कहना चाहूंगा कि कर्नाटक, मध्यप्रदेश के बाद में जिस रूप में राजस्थान पर हमला किया गया है … राजस्थान में उनको मुंह की खानी पड़ेगी और यहां हमारी एकजुटता है … सरकार हमारी पूरे पांच साल तक चलेगी.. इनके तमाम षडयंत्र विफल होंगे और पूरे देश में एक संदेश जाएगा।’

गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर 18 विधायक सचिन पायलट के साथ चले गए हैं, उनका जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि उन विधायकों को कांग्रेस विधायक दल की बैठकों में आना चाहिए लेकिन वे भाजपा की गोद में बैठे हैं। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से जो हमारे साथी गुड़गांव में बैठे है वो आते नहीं है जबकि सबको मालूम है किस प्रकार का राजनीतिक माहौल राजस्थान में बना हुआ है।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कांग्रेस के चिन्ह पर चुनाव जीत कर गये हैं अगर उनको कोई नाराजगी है तो वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में जाकर बात करते, प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जाकर बात करते परन्तु इतने दिनों से वो लोग अलग होकर बैठे हुए हैं, अभी मैं चाहूंगा कि उनको बैठकों में आना चाहिए। अब तो विधानसभा सत्र बुला लिया गया है अगर वो कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीत कर गये है तो पहली ड्यूटी है कि सरकार के साथ खड़े हों।

उन्होंने कहा,’ वे भाजपा की गोद में क्यों खेल रहे हैं? पूरी तरह भाजपा की तैयारियां हैं।’ गहलोत ने कहा,’ जो लोग गये हैं… मुझे पता नहीं उनमें से किन किन लोगों ने पहली किस्त ली है। हो सकता है कई लोगों ने किस्त नहीं ली हो। मैं चाहूंगा कि उनको वापस आना चाहिए।’ उन्होंने दावा किया कि यह पूरा खेल भाजपा का है और भाजपा को जनता माफ नहीं करेगी।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता ने नरेन्द्र मोदी को लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री चुना है लेकिन उन्होंने देश में लोकतंत्र की धज्जियां उडाई हैं.. चुनी हुई सरकार को जो तोड़ रहे हैं.. मैं समझता हूं कि जनता इनको माफ नहीं करेगी।’ गहलोत ने कहा,’भाजपा को चाहिए ..अमित शाह को चाहिए कि सरकार गिराने के इरादे छोड़ें … इससे देश में लोकतंत्र कमजोर ही होगा।’

मुख्यमंत्री ने राज्य में बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर बसपा प्रमुख मायावती पर कटाक्ष किया और कहा कि वह डर तथा मजबूरी में बयान दे रही हैं। गहलोत ने कहा,’मेरा मानना है कि मायावती जो बयानबाजी कर रही हैं वो भाजपा के इशारे पर कर रही हैं … भाजपा जिस प्रकार से सीबीआई, ईडी का दुरूपयोग कर रही है, डरा रही है धमका रही है सबको। मायावती भी डर रही हैं … मजबूरी में वो बयान दे रही हैं।