सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ ट्वीट्स का बाढ़

नई दिल्ली |कोरोना वाइरस जैसी महामारी के चलते सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है कि, परीक्षाए होंगी। युपी बीएड जेईई 2020 में करीब 4 लाख बच्चे परीक्षा देने आएँगे ,वो भी अलग अलग राज्यों से। ऐसे हालातों में क्या परीक्षाए जान से ज़्यादा ज़रूरी है? कोरोना वायरस की तेज़ी से बढ़ती गति को देखने के बावजूद अंतिम वर्षीय छात्रों की भी परीक्षाएं करवाने का फैसला हो चूका है।

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इस वक़्त लोग ऑनलाइन सरकार के खिलाफ ट्वीट करे जा रहे है, और परीक्षाएं रुकवाने की मांग कर रहे है। उनका डर बिलकुल जायज़ है। ट्विटर पर एक हैशटैग काफी वायरल होते नज़र आ रहा है। #कैंसिल_यु_पी_बीएड_एंट्रेंस_एक्साम्2020 का हैशटैग इस्तेमाल कर लोगों ने चिंता जताते हुए कहा है कि, अगस्त के महीने में ईद और रक्षाबंधन के मौके पर सार्वजनिक परिवाहनो चलना बंद है जिस कारण लोग एक जगह से दूसरे जगह नहीं आ सकते। ऋत्विक बंसल ट्वीट करते हुए लिखते है कि, “उन्हें हमारा दर्द समझना चाहिए। यह कोई आम परिस्थिति नहीं है जहाँ हम सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करे। जब कॉलेज स्तर की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, तो राज्य स्तरीय परीक्षा कैसे हो सकती है ?”

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