एशिया का भविष्य चीन-भारत के रिश्तों पर निर्भर -प्रदीप ग्यावली

नई दिल्ली : पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत चीन की हुई जून में हुई हिंसक झड़प की बाद दोनों देशों की बीच भारी तनाव चल रहा है ,जिसके बाद दोनों देशों की बीच बिगड़ते रिश्तों को लेकर नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने कहा कि एशिया का भविष्य भारत – चीन के बीच रिश्तों पर निर्भर करता है | दोनों देशों की बीच हुई खुनी झड़प की बाद आज पहली बार नेपाल के तरफ से कोई बयान आया है |

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उन्होंने कहा कि चीन के उदय और भारत के महत्वाकांक्षी उदय के साथ-साथ वे अपने आप से कैसे जुड़ते हैं, उनकी साझेदारी कैसे आगे बढ़ेगी और कैसे वे अपने मतभेदों को सुलझाएंगे | निश्चित तौर पर इन्हीं सवालों के जवाब से एशिया का भविष्य तय होगा | उन्होंने आगे कहा, ‘वुहान शिखर सम्मेलन के बाद भारत और चीन के बीच साझेदारी गहरी हो गई थी, लेकिन वर्तमान में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद अब तनाव का माहौल है | हालांकि, दोनों देश तनाव को कम करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, फिर भी चुनौतियां हैं |

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बता दें कि पूर्वी लद्दाख में मई के पहले हफ्ते में कई जगहों पर चीनी सैनिकों के एलएसी का अतिक्रमण करने से विवाद शुरू हुआ था | वहीं, 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच खूनी झड़प हुई थी | इसके बाद तनाव घटाने की पहल शुरू होने से पूर्व दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं लेकिन कोई नतीजा निकल कर सामने नहीं आया है |

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वहीं दूसरी तरफ, चीन की नेपाल में राजदूत हाओ यांकी ने कहा है कि नई दिल्‍ली और काठमांडू के बीच विवाद में उनके देश को जबरन घसीटा जाता है | उन्‍होंने कहा कि कालापानी का मुद्दा नेपाल और भारत के बीच का है और दोनों देशों को इस मुद्दे को और ज्‍यादा जटिल बनाने वाली किसी भी एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिए | साथ ही वहीं चीनी राजदूत नेपाल में ओली सरकार को बचाने के अपने प्रयासों पर जवाब देने से भी कतराती नजर आईं |

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